Section 101 BNS In Hindi, Murder Section In BNS

अब हम आपको Section 101 BNS In Hindi, बीएनएस धारा 101 को परिभाषित करने वाले है बीएनएस धारा 101 में  “हत्या और दोषपूर्ण हत्या के बीच अंतर” के बारे संक्षिप्त में बताने वाले है.

बीएनएस धारा 101 नयी भारतीय न्याय संहिता 2023 के अध्याय VI का एक हिस्सा है जिसमे “जीवन को प्रभावित करने वाले अपराधों के बारे में” के मामले के बारे में वर्णन है.

definition Of Section 101 BNS In Hindi :-

हत्या कब मानी जाती है?

सामान्यतः, दोषपूर्ण मानव वध हत्या (Murder) मानी जाती है, निम्नलिखित मामलों में:

  1. (clause a) इरादा से मारना:
    • अगर किसी व्यक्ति ने मौत का इरादा रखते हुए कोई कार्य किया और उससे मृत्यु हुई।
      उदाहरण: अगर ‘A’ ने जानबूझकर ‘Z’ को गोली मारकर मार डाला, तो यह हत्या है।
  2. (clause b) जानबूझकर घातक चोट पहुँचाना:
    • अगर व्यक्ति ने इतनी गंभीर चोट पहुँचाई, जिससे मौत होने की पूरी आशंका थी, और उसे यह पता था कि यह चोट मृत्यु का कारण बनेगी।
      उदाहरण: अगर ‘A’ जानता है कि ‘Z’ एक गंभीर बीमारी से पीड़ित है और एक हल्की चोट भी उसकी मौत का कारण बन सकती है, फिर भी वह ‘Z’ को मारता है, तो यह हत्या है।
  3. (clause c) सामान्य स्थिति में मौत की वजह बनने वाली चोट:
    • अगर चोट इतनी गंभीर है कि सामान्य परिस्थितियों में वह किसी की मौत का कारण बने।
      उदाहरण: अगर ‘A’ ने ‘Z’ को तलवार या लाठी से इतनी गहरी चोट दी जो आमतौर पर मौत का कारण बनती है, तो यह हत्या है, भले ही ‘A’ का इरादा मारने का न रहा हो।
  4. (clause d) जानलेवा और खतरनाक कार्य :
    • अगर कोई कार्य इतना खतरनाक है कि उससे मौत होने की पूरी संभावना थी, और व्यक्ति ने बिना किसी वाजिब कारण के यह जोखिम उठाया।
      उदाहरण: अगर ‘A’ भीड़ में बिना किसी कारण तोप चला देता है और किसी की मौत हो जाती है, तो यह हत्या है।

अपवाद : जब हत्या नहीं मानी जाएगी

  1. (Exception 1) गंभीर और अचानक उकसावा :
    • अगर कोई व्यक्ति अचानक और गंभीर उकसावे में आकर (जैसे गाली-गलौज या हमला), आत्म-नियंत्रण खोकर मौत कर दे, तो यह हत्या नहीं है।
      लेकिन यह उकसावा नहीं माना जाएगा अगर:(a) उकसावा खुद अपराधी ने जानबूझकर पैदा किया हो।(b) उकसावा कानूनी कार्यवाही (जैसे पुलिस की गिरफ्तारी) के कारण हुआ हो।(c) उकसावा आत्मरक्षा के दौरान हुआ हो।
    उदाहरण: अगर ‘A’ को ‘Z’ ने गंभीर रूप से उकसाया और ‘A’ गुस्से में आकर ‘Z’ को मार दे, लेकिन गलती से ‘Z’ के बच्चे ‘Y’ की मौत हो जाए, तो यह हत्या नहीं, बल्कि दोषपूर्ण मानव वध है।
  2. (Exception 2) आत्मरक्षा में अति :
    • अगर कोई व्यक्ति आत्मरक्षा में जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग कर देता है, लेकिन उसका इरादा सिर्फ अपनी रक्षा करना था, तो यह हत्या नहीं है।
      उदाहरण: अगर ‘Z’ ‘A’ को घोड़े की चाबुक से मारने की कोशिश करता है और ‘A’ खुद को बचाने के लिए गोली चला देता है, तो यह हत्या नहीं है।
  3. (Exception 3) सरकारी कर्मचारी का कर्तव्य :
    • अगर कोई सरकारी कर्मचारी अपने कानूनी कर्तव्य को पूरा करते हुए गलती से किसी की मौत कर दे, और उसका कोई बुरा इरादा न हो, तो यह हत्या नहीं है।
  4. (Exception 4) अचानक झगड़े में मौत:
    • अगर दोनों पक्षों के बीच अचानक झगड़ा हो और गुस्से में कोई मौत हो जाए, बिना किसी पूर्व योजना के, तो यह हत्या नहीं है।
      ध्यान रहे: झगड़ा किसने शुरू किया, यह मायने नहीं रखता।
  5. (Exception 5) मौत की सहमति :
    • अगर 18 वर्ष से अधिक उम्र का व्यक्ति मौत को जानबूझकर स्वीकार करे (जैसे खतरनाक खेल या इच्छामृत्यु), तो यह हत्या नहीं है।
      उदाहरण: अगर ‘A’ एक बच्चे को आत्महत्या के लिए उकसाता है, तो यह हत्या है, क्योंकि बच्चा सहमति देने के योग्य नहीं है।

महत्वपूर्ण समझ: Murder Section In BNS

  • हत्या और दोषपूर्ण मानव वध के बीच अंतर इरादे (Intention) और परिस्थितियों पर निर्भर करता है।
  • “उकसावा”, “आत्मरक्षा”, या “सरकारी कर्तव्य” जैसे अपवादों में सजा कम हो सकती है।

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